बीत रहल अच्छी एहो साल.
सिनिओर के बात ने पुछू
जुनिओरो के भेले बल गोपाल
हमर हिम्मत तुइती रहल छल
कुनू रास्ता नही सूझी रहल छल.
एक दिन आयल ओ सुबह घरी.
जाकर छल हमरो धर्फारी.
चाट दा बात फिनल भेल.
फट दा हमर विवाह भेल.
कनिया भेटली बहुत आती सुंदर.
मून खुशी भेल अंदर अन्दर.
कनिया संग भेतली टिन त सैर.
तिनु के तिनु कुमैर.
आब देखु हमर दिन.
तिनु सेवा मी रही लीं.
ई सुख के हम केना बखान करी.
मून होइया ससुरे मी रही.
लेकिन की कहू म के आबई हमर याद.
लोक सब सा भेजी संबाद.
बहुत दिन भेलाह ससुर मी .
बुआ जाहक अपन गाम.
पेंट पहिर के शर्ट पहिर के.
गमक लेल हम करी प्रस्थान.
प्रकाश मिश्रा
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