कतेक दूर छी हम अहं सों
कतेक दूर कटे दूर अरे
कतेक आस अच्छी प्रेम मिलन कर
कतेक पास कटे दूर अरे
कतेक दूर छी हम अहं सों
बागमती कर बगल बाग़ मे
जनाकक पोरानिक समाज मे
सीता कर अहि जमाभूमि पर
रजा राम कर ससुराल मे
नही कीयो अग्नि-परीक्षा देती
धोबी कर आब गोप ने हेती
सीतारानी बन ने जेते
भ्रम ने कोनो मन मी हेती
सज्नाजी कर गात-गात ओर
सजनी कर रोम-रोम कहे....
कतेक दूर छी हम अहं सों
कतेक दूर कटे दूर अरे
कतेक आस अच्छी प्रेम मिलन कर
कतेक पास कटे दूर अरे
कतेक दूर छी हम अहं सों......
औत्होर-संजय क झा
Mithila is an ancient cultural region of North India lying between the lower ranges of the Himalayas and the Ganges River. The Nepal border cuts across the top fringe of this region. The Gandak and Kosi Rivers are rough western and eastern boundaries of Mithila.
World Famous" Madhubani Art"
Friday, May 23, 2008
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